मजबूत रिश्ते के लिए एक दूसरे पर विस्वाश होना बहुत जरुरी होता है, क्योकि विस्वाश अगर एक बार टूट जाता है तो दुबारा विस्वाश करना बहुत मुश्किल हो जाता है, फिर आप कुछ भी कर लो, क्योकि विस्वाश एक सीसे की तरह नाजुक होता है, और "सीसे में एक बार दरार आ गयी मतलब सीसा आज नहीं तो कल टूटेगा" चाहे आप लाख कोसिस क्यों न करलो बचाने की फिरभी नहीं बचेगा।
झूठ बोलना:
- हमे झूठ कभी नहीं बोलना चाहिए चाहे झूठ कितना भी छोटा क्यों न हो, इससे विश्वास टूटता है, और झूठ आज नहीं तो कल पता लग ही जाता है और फिर आप कितना भी सच बोलो दुबारा विस्वाश करना मुश्किल होता है।
- कई बार हम सच को भी झूठ बनाकर बोलते है, जैसे आपकी तबीयत ठीक नहीं है या कुछ भी प्रॉब्लम है और आपके पेरेंट्स के पूछने पे सब ठीक है बोल के बताना , या फिर आपके पार्टनर से बहस के बाद कुछ पूछने पे बोलना सब ठीक है मैंने खाना खाया है या कुछ और झूठ बोलना या फिर ठीक होने का नाटक करना।
- सैलरी के बारे में झूठ बोलना "कम सैलरी बताना, सैलरी नहीं आयी, या झूठ बोलके फालतू क खर्च करना और नहीं बताना"।
- पसंद करने का नाटक करना जैसे आपको कुछ पसंद है और पूछे जाने पर आप मना करने का झूठ बोल रहे हो या खुल कर नहीं बताना चाहते।
- कबतक आप झूठ बोलने का नाटक करते रहेंगे चार दिन की जिंदगी है २ दिन निकल गए २ दिन रह गए सच बोलो सुखी रहो
सोच समझकर खुद का फैसला लेना:
हर इंसान से गलती होती है मगर "गलती सुधारके और ईमानदारी से रिस्ता निभाना चाहिए, ताकि विश्वास में कभी कमी न आये और किसी बात पे आपको गुस्सा भी आये तो कोई फैसला लेने से पहले खुद से सोचना चाहिए न की किसी और की बात को सुनकर कोई फैसला लेना चाहिए, क्योकि कभी कभी हम किसी और("किसी और का मतलब अपने ही घर के खास लोग") के हिसाब से फैसला गलत ले लेते है, और पूरी जिंदगी सजा हमे ही भुगतनी परती है, दूसरे तो साइड हो जायेगे और आपके बुरे समय में आपको ही बोलेंगे फिर आप पछताओगे और कुछ कर नहीं पाओगे।
चन्दन कुमार यादव
तारीख १८_अगस्त _२०१९
समय सुबह ११:०४
जय हिन्द जय भारत





