Thursday, May 30, 2019



गर्मी के मौसम के समाप्त होने तक बिना शर्ट के घूमने लायक बॉडी बनाने का लक्ष्य रखना कोई खासा मुश्किल नहीं है बशर्ते आपको सही एक्सरसाइज और सही डाइट को चुनना होगा।


फौलादी छाती या चेस्ट किस युवा को पसंद नहीं। नई उम्र के लड़के आपको जिम के भीतर एक्सरसाइज करते हुए दिख ही जाएंगे, विशेषकर गर्मियों में। गर्मी के मौसम के समाप्त होने तक बिना शर्ट के घूमने लायक बॉडी बनाने का लक्ष्य रखना कोई खासा मुश्किल नहीं है बशर्ते आपको सही एक्सरसाइज और सही डाइट को चुनना होगा। अगर आप भी जिम शुरू करने जा रहे हैं और इस गर्मी में अपनी चेस्ट को एक सही आकार देना चाहते हैं तो हम आपके लिए ऐसी कुछ एक्सरसाइज लेकर आए हैं, जिसके सहारे आप फौलादी छाती बना सकते हैं।

पुश-अप

कैसे करेंः
  • अपने हाथों को सीधा जमीन पर रखें और कंधे बिल्कुल सीधें रखें। 
  • अपने कूल्हों को भी अपने कंधे की सीध में रखें। 
  • बिना कूल्हों को जमीन छुआएं, जितना नीचे हो सके उतना नीचा जाएं।
अगर आप पहली बार इस एक्सरसाइज को कर रहे हैं तो जल्दबाजी न करें और  एक बार में दो से तीन सेट ही निकालें। एक सेट में 10 से 12 रेप का ही प्रयोग करें। पुश अप छाती को फौलादी बनाने के लिए सबसे अच्छा और मुख्य तरीका है।


बार्बेल बेंच प्रेस

कैसे करेंः 
  • सुनिश्चित करें कि बार्बेल पर हल्का या वजन न हो। 
  • बेंच की स्थिति बार के नीचे बिल्कुल सीधी हो। 
  • बेंच पर लेटें और आपके पैर सीट के दोनों ओर फैले हुए हों।
  • बार को कंधों की ओर थोड़ा फैलाकर पकड़ें।
  • बार को पकड़ने के बाद धीरे-धीरे नीचे लेकर आएं।
अगर आप पहली बार यह एक्सरसाइज कर रहे हैं तो जब आप बार को नीचे लेकर आए तो सांस लें और जैसे ही आप बार को ऊपर लेकर अपनी सांस धीरे-धीरे छोड़ें। अपनी गर्दन सीधी रखें और सुनिश्चित करें कि बार बिल्कुल सीधी दिशा में रहे।


केबल चेस्ट प्रेस

कैसे करें
  • केबल को चेस्ट के लेवल तक लेकर आएं।
  • ऐसी स्थिति में खड़ें हो, जिसमें मशीन आपके सामने की ओर हो।
  • मशीन के हैंडल को अपनी छाती की ओर लाएं और धीरे-धीरे नीचे लेकर जाएं। 
  • अपना स्टांस बनाने के बाद केबल को तब तक नीचे ले जाए जब तक आपके हाथ बिल्कुल सीधे न हो जाएं।
  • अगर आप पहली बार ऐसी एक्सरासइज कर रहे हैं तो सुनिश्चित करें कि आपने हैंडल बिल्कुल अपनी छाती के सामने की ओर पकड़ा हो।




फ्लैट डंबल बेंच प्रेस

कैसे करेंः
  • दोनों हाथों में डंबल पकड़कर एक बेंच पर सीधे लेट जाएं। 
  • आपके हाथ कंधे की चौड़ाई से अलग होने चाहिए।
  • आपकी हथेलियां सामने की ओर हो और आपकी बाजुएं 90 डिग्री का कोण बनाती हों।
  • धीरे-धीरे वजन को ऊपर की ओर उठाइए, जिससे आपकी छाती पंप होगी।
अगर आप पहली बार इस एक्सरसाइज को कर रहे हैं तो प्रत्येक रेप के अंत में थोड़ा रुके, जिससे छाती ज्यादा देर तक पंप रहेगी।

इंक्लाइन डंबल बेंट प्रेस

कैसे करें
  • बेंच को 45 डिग्री कोण पर सेट करें और प्रत्येक हाथ में डंबल पकड़ें। 
  • डंबल को अपनी छाती की ओर से उठाना शुरू करें और दोनों हाथों को एक साथ ऊपर लेकर जाएं और हथेलियों को मिलाएं।
  • दोनों हथेलियों को मिलाने के बाद धीमें-धीमें उसी स्थिति में वापस आए।
अगर आप पहली बार इस एक्सरसाइज को कर रहे हैं तो इसे आसान बनाने के लिए रेप्स के बीच के टाइम को कम कर दें।


 Thanks
CHANDAN KUMAR YADAV













Visit https://fitnessandsuccess.blogspot.com/ and follow for more information related to health and success.

जून का महीना अपने साथ बढ़ता पारा और कई समस्याओं को साथ लेकर आता है। इस दौरान न केवल बीमारियां बल्कि डीहाइड्रेशन और हीट स्ट्रोक जैसी समस्याएं आम हो जाती हैं।


जून का महीना अपने साथ बढ़ता पारा और कई समस्याओं को साथ लेकर आता है। हमारी दिनचर्या के साथ-साथ हमारा खाना-पीना भी गर्मी के कारण प्रभावित होता है। इस दौरान न केवल बीमारियां बल्कि डीहाइड्रेशन और हीट स्ट्रोक जैसी समस्याएं आम हो जाती हैं। इन सबसे बचने के लिए केवल ढेर सारा पानी पीना या संतुलित आहार लेना ही काफी नहीं है बल्कि इससे बचाव के लिए आपको सावधानी बरतना भी जरूरी है।

जून के महीने में आपको पाचन, यूरिन, स्किन से जुड़ी जैसी कई बीमारियां हो सकती है। महानगरों में बढ़ते प्रदूषण और इस भागदौड़ भरी जिंदगी में आपको जानकारी बढ़ाने की जरूरत है ताकि ये बीमारियां कोई घातक रूप न ले ले। हालांकि कुछ एहतियात के साथ इन बीमारियों से बचाव आसान है।


हीट स्ट्रोक से बचने के उपाय

  • गर्मी में खूब पानी पीने के अलावा ज्यादा तला भुना खाने से परहेज़ करें। 
  • गर्मी आते ही कोल्ड ड्रिंक्स, आइस-क्रीम का सेवन बढ़ जाता है, जिनके बजाय नारियल पानी, बेल का जूस आदि का सेवन करना चाहिए।
  • धूप या बाहर से आते ही तुरंत एसी, पंखा न चलायें। इसके साथ ही ठंडा पानी न पीएं।
  • घर से बाहर जाते वक्त पानी की बोतल के साथ-साथ ग्लूकोज़, इलेक्ट्रोल, नींबू साथ रखें।
  • सही सनस्क्रीन, फेसवॉश का प्रयोग करें।
  • मौसमी फल, दही, छाछ आदि का सेवन करें।
  • धूप में निकलते समय कला चश्मा और टोपी लगायें।


गर्मियों में होने वाली बीमारियां

सनबर्न

तेज धूप त्वचा को कई प्रकार से नुकसान पहुंचाती है, जिसमें से एक सनबर्न। अगर कोई व्यक्ति सूर्य की अल्ट्रावायलेट किरणों के संपर्क में आता है तो उसे यह समस्या हो सकती है। सनबर्न के कारण प्रभावित जगह पर जलन होती है और उस जगह का रंग लाल पड़ जाता है। ऐसी भी कई स्थितियां हैं, जहां यह स्थिति स्किन कैंसर का कारण बन जाती है।
  • बचावः त्वचा को ठंडा रखने क लिए एलोवेरा लोशन, नारियल तेल से मालिश जैसे घरेलू उपचार किये जा सकते हैं

नकसीर फूटना

इस मौसम में कई लोगों की नाक से खून निकलने जैसी दिक्कत हो जाती है। यह स्थिति भले ही खतरनाक न हो लेकिन गंभीर स्वस्थ्य समस्या का एक सूचक है। गर्मियों के दौरान सूखी हवा के कारण नाक की अंदरूनी परत के पास वाली रक्तवाहिनी फट जाती है और नाक से खून आने लगता है। अगर आप भी कभी ऐसी समस्या से दो-चार होते हैं तो नाक के बजाये मुह से सांस लें और  ठंडा पानी अपने सिर पर डालें, जिससे खून बहना बंद हो जाएगा।

  • बचावः त्वचा को ठंडा रखने क लिए एलोवेरा लोशन, नारियल तेल से मालिश जैसे घरेलू उपचार किये जा सकते हैं

नकसीर फूटना

इस मौसम में कई लोगों की नाक से खून निकलने जैसी दिक्कत हो जाती है। यह स्थिति भले ही खतरनाक न हो लेकिन गंभीर स्वस्थ्य समस्या का एक सूचक है। गर्मियों के दौरान सूखी हवा के कारण नाक की अंदरूनी परत के पास वाली रक्तवाहिनी फट जाती है और नाक से खून आने लगता है। अगर आप भी कभी ऐसी समस्या से दो-चार होते हैं तो नाक के बजाये मुह से सांस लें और  ठंडा पानी अपने सिर पर डालें, जिससे खून बहना बंद हो जाएगा।
  • बचाव के उपायः खून बहते समय सिर को आगे झुकाएं। अगर ऐसा बार-बार होता है तो आपको तुरंत डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।

टाइफाइड

  • टाइफाइड की समस्या की मूल वजह दूषित पानी पीना है।
  • लक्षणः बुखार, उल्टी, भूख न लगना।
  • बचाव का उपायः  सफाई और साफ पानी की पहुंच का विशेष ध्यान रखना चाहिए।

पीलिया

रक्त कोशिकाओं में हीमोग्लोबिन होता है जब ये कोशिकाएं टूटती हैं तो हीमोग्लोबिन के टूटने से बिलीरुबिन नामक पीले रंग का पदार्थ निकलता है, यह लिवर से फिल्टर होकर निकलता है, लेकिन लिवर में कुछ दिक्कतों के चलते यह प्रक्रिया ठीक से नहीं कर पाता और बिलीरुबिन बढ़ने लगता है और त्वचा का रंग पीला पड़ने लगता है। इस स्थिति को पीलिया कहते हैं।
लक्षण 
  • आंखों के सफेद भाग का पीला होना, बुखार, थकान रहना इसके मूल लक्षण हैं।
बचाव
  • साफ पानी, संतुलित भोजन, नशीले पदार्थों से दूरी।
श्री बालाजी एक्शन मेडिकल इंस्टीटयूट के यूरोलोजिस्ट सीनियर कंसल्टेंट डॉक्टर अतुल गोस्वामी ने गर्मी में होने वाले यूटीआई (मूत्र पथ संक्रमण) के बारे में बताते हुए कहा कि कम पानी पीने से न केवल डिहाइड्रेशन होता है बल्कि आप यूटीआई (मूत्र पथ संक्रमण) जैसे बीमारी से पीड़ित हो सकते हैं। युवतियों में यूटीआई की शिकायत आम है क्योंकि महिलाएं इससे अधिक प्रभावित होती हैं। यह आपकी किडनी पर भी दुष्प्रभाव डाल सकता है।
लक्षण 
  • पेशाब के दौरान जलन होना, पेशाब में बदबू आना, पीठ या निचले पेट में दबाव या दर्द महसूस होना।
बचाव 
  • ज्यादा से ज्यादा पानी पीएं।
  • प्रतिदिन कम से कम 7-8 गिलास मिनरल वाटर या साफ पानी पीएं।
  • स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं। 
  • नियमित व्यायाम करें।

Wednesday, May 29, 2019



Fitness: ज्‍यादा असरदार होती है सुबह की एक्‍सरसाइज, मसल्‍स मजबूत करने के साथ मिलते हैं ये 5 जबरदस्‍त फायदे,


सुबह देर तक सोने में हर किसी को मज़ा आता है, लेकिन ये मज़ा कब बीमारी के रूप में सजा बन जाती है किसी को पता नहीं चलता। गतिहीन जीवनशैली हमारे लिए हानिकारक है। इसलिए रोज सुबह एक्‍सरसाइज जरूर करें।  


वर्कआउट करने के कई स्वास्थ्य लाभ हैं, खासकर जब आप सुबह जल्दी उठकर वर्कआउट सेशन का चुनाव करते हैं। ब्रिटिश जर्नल ऑफ स्पोर्ट्स मेडिसिन में प्रकाशित एक नए अध्ययन में, शोधकर्ताओं ने खुलासा किया कि सुबह के समय थोड़ी-बहुत एक्‍सरसाइज आपको पूरे दिन अपने संज्ञानात्मक प्रदर्शन को बढ़ावा देने में मदद कर सकता है। शोधकर्ताओं ने आगे उल्लेख किया कि यह आपको चौकस तरीके से सोचने में मदद कर सकता है। आपकी विजुअल लर्निंग को बढ़ाता है, आपके साइकोमोटर फ़ंक्शन को बढ़ाता है और निर्णय लेने की क्षमता को विकसित करता है।
इन परिणामों से यह पता चलता है कि जितना संभव हो सके आपको सुबह में कसरत जरूर करना चाहिए। यहां, हम आपको सुबह एक्‍सरसाइज करने के कुछ अन्य स्वास्थ्य लाभ के बारे में बता रहे हैं, जिसे जानने के बाद आप जरूर सुबह जल्‍दी उठकर एक्‍सरसाइज करेंगे।

सुबह एक्‍सरसाइज करने के फायदे 

मांसपेशियों का निर्माण 

सुबह की एक्‍सरसाइज मांसपेशियों को प्रभावशाली तरीके से निर्माण करने में आपकी मदद करता है। जब आप सुबह उठते हैं, तो आपके टेस्टोस्टेरोन का स्तर अपने चरम पर होता है जो सुबह वेटलिफ्टिंग और मांसपेशियों का निर्माण करने का सही समय बनाता है।

कम होता है डायबिटीज का खतरा 

कई अध्ययनों से पता चलता है कि जब आप सुबह खाली पेट जिम या एक्‍सरसाइज़ करते हैं, तो आप खुद को इंसुलिन प्रतिरोध से बचाते हैं। सुबह की एक्‍सरसाइज डायबिटीज पेशेंट में ब्‍लड शुगर लेवल को बढ़ने से रोकती है, यानी रोजाना एक्‍सरसाइज से आपका ब्‍लड शुगर सामान्‍य रहता है। 

आपकी कैलोरी को कम करता है 

अगर आपको लगता है कि सुबह एक्‍सरसाइज कर आपने कैलोरी बर्न कर ली है तो आपको दिनभर ज्‍यादा भूख लगेगी तो आप बिल्‍कुल गलत है। मेडिसिन एंड साइंस इन स्पोर्ट्स एंड एक्सरसाइज नामक पत्रिका में प्रकाशित एक अध्ययन में यह उल्लेख किया गया है कि जो लोग सुबह में 45 मिनट तक व्यायाम करते हैं वे व्‍यायाम न करने वालों की तुलना में दिन में कम कैलोरी का सेवन करते हैं। 

रक्‍तचाप को नियंत्रित रहता है 

कई अध्ययनों से पता चलता है कि व्यायाम आपके रक्तचाप के स्तर को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। Appalachian State University में किए गए ऐसे ही एक अध्ययन के अनुसार, सुबह ट्रेडमिल पर 30 मिनट वर्कआउट आपके रक्तचाप को 10 प्रतिशत तक कम कर सकते हैं।

अच्‍छी नींद के लिए सुबह करें एक्‍सरसाइज 

आपके वर्कआउट का समय आपकी नींद पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकता है। नेशनल स्लीप फाउंडेशन के अनुसार, जब आप शाम को कसरत करते हैं, तो यह आपके शरीर के तापमान को बढ़ाता है, जिससे आपके लिए सोना मुश्किल हो जाता है। लेकिन यही जब आप सुबह करते हैं तो इसका फायदा आपको बेहतर नींद के रूप में मिलती है।

शुद्ध ऑक्‍सीजन के लिए सुबह करें एक्‍सरसाइज 

सुबह-सुबह का वातावरण काफी साफ और शुद्ध होता है। सुबह की हवा में ऑक्‍सीजन की मात्रा भी अन्‍य गैसों की अपेक्षा अधिक होती है। सुबह जब आप एक्‍सरसाइज करते हैं तो जोर-जोर से सांस लेते हैं, जिसके माध्‍यम से हमारे शरीर को शुद्ध ऑक्‍सीजन मिलता है, जिसके चलते हमारे फेफड़े, हृदय और शरीर के अन्‍य अंगों को स्‍वस्‍थ रखने में मदद मिलती है।

Categories

Translate Blog

Popular Posts

Blog Archive